दीर्घावधि प्रशिक्षण

जैवप्रौद्योगिकी/जैव-सूचना विज्ञान या जीवन विज्ञान विषयों, तथा बीटैक (जैवप्रौद्योगिकी/जैवसूचना विज्ञान) उपाधि कार्यक्रमों में एम.एससी./एम.टैक करने वाले छात्रों को 5 से 6 महीनों का परियोजना कार्य – प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्‍य पादप जैवप्रौद्योगिकी व जीनोमिक्‍स में अनुसंधान करने के अवसर उपलब्‍ध कराना है। संभावित प्रत्‍याशियों से विस्‍तृत जीवन वृत्ति व सम्‍बद्ध दस्‍तावेजों सहित निर्धारित फार्मेट (अनुबंध 1) में आवेदन-पत्र पूरे वर्ष प्राप्‍त किए जाएंगे तथा चयन समिति द्वारा चुने गए छात्रों को ई-मेल द्वारा तद्नुसार सूचित किया जाएगा। चुने हुए प्रत्‍याशी को राष्‍ट्रीय पादप जैवप्रौद्योगिकी अनुसंधान केन्‍द्र के किसी एक वैज्ञानिक के अधीक्षण में केन्‍द्र की चल रही परियोजनाओं में से किसी एक में कार्य करना होगा। परियोजना कार्य पूरा होने पर प्रत्‍याशी को अपना शोध प्रबंध/प्रतिवेदन/डेसेर्टेशन अपने संस्‍थान को प्रस्‍तुत करने की अनुमति होगी जि‍स पर सह-अधीक्षक के रूप में राष्‍ट्रीय पादप जैवप्रौद्योगिकी अनुसंधान केन्‍द्र के वैज्ञानिक के हस्‍ताक्षर भी होंगे। शोध प्रबंध की एक प्रति निदेशक, राष्‍ट्रीय पादप जैवप्रौद्योगिकी अनुसंधान केन्‍द्र को प्रस्‍तुत करनी होगी और किसी प्रकाशन या परियोजना कार्य के परिणामस्‍वरूप प्राप्‍त होने वाले बौद्धिक सम्‍पदा अधिकार या आईपीआर में राष्‍ट्रीय पादप जैवप्रौद्योगिकी अनुसंधान केन्‍द्र का नाम होगा। तथापि, प्रशिक्षुओं का प्रकाशन में उपयुक्‍त नाम दिया जाएगा जो उसके योगदान के अवसर पर निर्भर करेगा। पाठ्यक्रम शुल्‍क के रूप में प्रति माह 5000/- रुपये व सेवा कर (12.36 प्रतिशत) लिया जाएगा। 

  1. जनवरी 2015 से जून 2015 बैच के लिए नए आवेदन आमंत्रित हैं ।
  2. आवेदन आमंत्रित करने की अंतिम तिथि जनवरी 2015 से जून 2015 वाले बैच के लिए 5 नवम्‍बर 2014 है। आवेदन पत्र डाउन लोड करें 

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Contact Address:

सम्‍पर्क पता : डॉ. देवाशीष पटनायक, प्रधान वैज्ञानिक,

राष्‍ट्रीय पादप जैवप्रौद्योगिकी अनुसंधान केन्‍द्र

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान

नई दिल्‍ली 110 012, भारत

फोन : +91-11-25841787,  फैक्‍स : +91-11-25843984 

ई-मेल : debasis[dot]pattanayak[at]rediffmail[dot]com

www.nrcpb.org

Page Updated On : 11/12/2015 - 11:14:00