बाह्य वित्त पोषित

Page Updated On : 11/05/2016 - 06:39:03

 

बाह्य वित्त पोषित
क्र.सं.परियोजना का नामनिधि दाता एजेंसीप्रधान अन्वेषक
01डी नोवो जीनोम सिक्वैंसिंग, फिटनेस, विविधता और रोगजनकता पर पक्सीनिया टि्रटिसिना जीनोमिक्स नेटवर्कडीबीटीडॉ. टी.आर.शर्मा
02.राइजोक्टोनिया सोलेनी की प्रतिरोधी चावल और टमाटर की किस्मों का विकास, चावल आच्छद झुलसा का आकस्मिक एजेंट तथा टमाटर जड़ तथा क्राउन सड़न रोगों की प्रतिरोधी चावल व टमाटर की किस्मों का भी विकास (भारतीय- आस्ट्रेलियाई सहयोग)डीबीटीडॉ. टी.आर.शर्मा
03.चावल ब्लास्ट प्रतिरोधी जीनों का आण्विक क्लोनीकरण तथा क्रियात्मक लक्षण-वर्णन - द्वितीय प्रावस्थाडीबीटीडॉ. टी.आर.शर्मा
04.चावल की गैर विशिष्ट रोग प्रतिरोध के विकास के लिए सी-चावल-ब्लास्ट रोग प्रणाली में एलेल माइनिंग और प्रतिरोध की प्रोफाइलिंग की अभिव्यक्ति - तथा उग्रताएनएआईपीडॉ. टी.आर.शर्मा
05.जैव-सूचनामिती तथा तुलनात्मक जीनोमिक्सआईसीएआरडॉ. टी.आर.शर्मा
06.क्यूटीएल से किसम तक : अजैविक प्रतिबल सहिष्णु चावल का मार्कर सहायी प्रजननडी बी टीएन.के. सिंह
07.गेहूं गुणसूत्र 2ए का भौतिक मानचित्र्ण व नमूना  क्रम निर्धारण - इंटरनेशनल व्हीट सीक्वेंसिंग कंसोर्टियम (भारत)डी बी टीएन.के. सिंह
08.पटसन में रेशे की गुणवत्ता सुधार के लिए जीनोमिक्सआई सी ए आरएन.के. सिंह
09.राष्ट्रीय चावल संसाधन डेटाबेस की स्थापनाडी बी टीएन.के. सिंह
10.गेहूं में जल उपयोग की दक्षता और ताप सहिष्णु में सुधार के लिए आण्विक प्रजनन चयन कार्यनीतियों का विकास व सत्यापनसिमिटएन.के. सिंह
11.चावल के वन्य जननद्रव्य में सस्यविज्ञानी दृष्टि से महत्वपूर्ण जीनों के लिए युग्मविकल्पी खनन और हॉट स्पॉट में प्रतिबल सहिष्णु चावल की भूप्रजातियों को उगानाआई सी ए आरएन.के. सिंह
12.उपज तथा जैविक प्रतिबलों से संबंधित पहचान तथा कार्यातमक विश्लेषणडी बी टीएन.के. सिंह
13.अजैविक प्रतिबल सहिष्णुता के लिए जीनों की बायो प्रोस्पेक्टिंग तथा युग्मविकल्पों का खननएन ए आई पीएन.के. सिंह
14.चावल में कार्यात्मक जीनोमिक्स के लिए इसकी उपराऊं किस्म नगइना-2 के उत्प्रेरित उत्प्रजनकों का सृजन, लक्षण-वर्णन और उपयोगडी बी टीएन.के. सिंह
15.चना में फ्रयूजेरियम प्रतिरोध और सूखा सहिष्णुताएन पी टी सीडॉ. श्रीनिवासन
16.संकर ओज के निर्धारण के लिए आनुवंशिकी अभियांत्रिकी की दिशा में प्रगत बहु भ्रूणन में शामिल आण्विक प्रक्रियाओं को उजागर करनाएन ए आई पीडॉ. एस.आर. भट्रट
17.कपास में संकर बीजोत्पादन में एपोमिक्सिस व ताप संवेदी आनुवंशिक नरवंध्य प्रणाली का दोहनआई सी ए आर - टी एम सीडॉ. एस. आर. भट्रट
18.माहू प्रतिरोधी पराजीनी सरसों का विकासएन पी टी सी (आई सी ए आर)डॉ. रेखा कंसल
19.अत्यधिक प्रतिकूल पर्यावरण से बैसिलस व अन्य प्रमुख वंशों के विविधता का विश्लेषण और कृषि में उसका उपयोगएनएआईपीडॉ. जे.सी. पडारिया
20.जलवायु समुत्थानशील कृषि पर राष्ट्रीय पहलएन आई सी आर एडॉ. जे.सी. पडारिया
21.एज़ोटोबैक्टर विनेलैंडी में निफ ए जीन की रचनात्मक अति अभिव्यक्ति के लिए सशक्त प्रमोटरों का र्डिजाइन व उनका निर्माणडी बी टीडॉ. जे.सी. पडारिया
22.सूखा की सहिष्णुता व पीले तना बेधक के प्रतिरोध हेतु पराजीनी चावल का विकासएन पी टी सी (आईसीएआर)डॉ. देबाशीष पटनायक
23.नमी की कमी और निम्न तापमान सहिष्णुता के लिए चावल में फिनोमिक्सएन एफ बी एस एफ ए आर ए (आईसीएआर)डॉ. पी.के. मंडल
24.बढ़ी हुई नाइट्रोजन उपयोग की दक्षता के माध्यम से गेहंू की उत्पादकता में सुधारसिमिट (सी जी आई ए आर)डॉ. पी.के. मंडल
25.वे फसल पौधे जो अपनी मुख्य जैविक बाधाओं को दूर करते हैंडीएसटी (भारतीय - आस्ट्रेलियाई वृहत चुनौती कार्यक्रम)डॉ. आर.सी. भट्रटाचार्य
26.चावल और गेहूं में  चूषक कीटों व पिटिका कीट नाशकजीवों में रक्षा प्रेरण का सामान्य आधारएन एफ बी एस एफ ए आर ए (आईसीएआर)डॉ. आर.सी. भट्रटाचार्य
27.विशेष परीक्षण करने के लिए संदर्भ प्रयोगशाला की स्थापनापीपीवी और एफआरएडॉ. आर.सी. भट्रटाचार्य
28.आरएनएआई का उपयोग करते हुए पादप सूत्र्कृमि अंतरक्रियाओं को समझनाएन ए आई पीडॉ. पी.के. जैन
29.पादप सूत्र्कृमि अंतरक्रिया को समझना : रोग विकास में शामिल पौधे तथा सूत्र्कृमि जीनों की पहचानएन एफ बी एस एफ ए आर ए (आईसीएआर)डॉ. पी.के. जैन
30.बाजरा से एनेक्सिन बहुजीन कुल का आण्विक क्लोनीकरण और कार्यात्मक लक्षण-वर्णनडीबीटीडॉ. एस. बड़ठाकुर
31.चावल में अजैविक प्रतिबल की जीन अनुक्रिया का मॉडलिंग नेटवर्कआई सी ए आरडॉ. किशोर गायकवाड
32.रागी (एलेयूसिने कोराकाना) का जीनोमिक्स और फिनोमिक्सडी बी टीडॉ. कनिका
33.ज्वार (सॉरघम बाइकलर एल.मोयंक) से कोशिका भित्ति जैव-संश्लेषण पथ जीनों की पहचान, क्लोनीकरण और लक्षण-वर्णनडी एस टीडॉ. मोनिका दलाल
34.तोरिया (ब्रैसिका कैम्पेस्टि्रस) में जैव-मात्र तथा बीज उपज बढ़ाने के लिए साइटोकिनिन में जड़ विशिष्ट कमी लानाडी बी टीडॉ. पी.के. दाश
35.जैंथोमोनास ओराइज़ी पीवी ओराइजी नॉकिंग डाउन एक्सए 13 मध्यित प्रतिरोध के भारतीय प्रभेदों से मुख्य उग्र निर्धारकों की पहचान व उनका कार्यात्मक लक्षण-वर्णनडी बी टीडॉ. ऋतुराय
36.जीवाण्विक झुलसा के बेहतर प्रबंध के लिए जेंथोमोनास ओराइज़ी पीवी ओराइजी रोग प्ररूपों का क्रम निर्धारणडी बी टीडॉ. ऋतु राय
37.अरहर में फली बेधक के विरुद्घ प्रतिरोधएन पी टी सी (आईसीएआर)डॉ. रोहिणी श्रीवत्स
38.चना और अरहर में फली बेधक प्रतिरोध का विकासएन एफ बी एस एफ ए आर एडॉ. रोहिणी श्रीवत्स
39.सीमित दशाओं के अंतर्गत खेत में चयन की घटना (ओं) के प्रमाण- संकल्पना के सत्यापन के लिए मुख्य परजीवी जीन लक्ष्यों पर आधारित जड़ गांठ सूत्र्कृमि के प्रति सहिष्णु आरएनएआई पराजीनियों पर ट्रांसलेशन अनुसंधानडीबीटीडॉ. ए.यू. सोलंके
40.कपास के गुले और रेशे के विकास की जीनोमिक्सएन ए आई पीडॉ. ए.यू. सोलंके